Talab Mitr (Friend) A Seminar

तालाब मित्र : जल संरक्षण और जैव विविधता के प्रहरी

दिनांक 19 दिसम्बर 2019 को झिलमिल झील संरक्षण रिजर्व, हरिद्वार के इंटरप्रिटेशन सेंटर में “तालाब मित्र” विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तालाबों के महत्व, उनके प्राकृतिक आवास (Habitat) तथा विभिन्न जीव-जंतुओं और वनस्पतियों के जीवन चक्र में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था।

तालाब केवल जल संग्रहण का साधन नहीं हैं, बल्कि वे जैव विविधता के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। अनेक प्रकार के पक्षी, मछलियाँ, उभयचर जीव, कीट-पतंगे तथा जलीय वनस्पतियाँ तालाबों पर निर्भर रहती हैं। ये स्थानीय जल स्तर को बनाए रखने, भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण तथा पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

वर्तमान समय में बढ़ते शहरीकरण, अतिक्रमण और अनियोजित निर्माण कार्यों के कारण अनेक तालाब समाप्त होते जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) प्रभावित हो रहा है, जैव विविधता में कमी आ रही है तथा जल संकट जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।

ऐसी स्थिति में प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह “तालाब मित्र” बने और तालाबों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के प्रयासों में सक्रिय सहयोग प्रदान करे। तालाबों की स्वच्छता, संरक्षण, जल स्रोतों की रक्षा तथा जन-जागरूकता के माध्यम से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए इन अमूल्य प्राकृतिक धरोहरों को सुरक्षित रख सकते हैं।

आइए, हम सभी “तालाब मित्र” बनकर जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के इस महत्वपूर्ण अभियान में अपना योगदान दें।